Just For Hearts

Diabetes

मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम... फिर मेरी Diabetes, मेरी परेशानी!

Just For Hearts1 मिनट का पठन

OPD में, एक मरीज अपनी रिपोर्ट्स लेकर बोली, "डॉक्टर साहब, मेरी sugar levels सब कुछ करने के बावजूद कम नहीं हो रही हैं।"

मैंने पूछा, "अभी के readings क्या हैं?"

उसने जवाब दिया, "Fasting 260, post lunch 350।"

"क्या आप अपनी medicines ले रही हैं?"

"हाँ, लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ रहा।"

"आप कब खाना खाती हैं?"

वह मुस्कुराई और बोली, "कभी 3 बजे दोपहर, कभी आधी रात। मैं अकेली रहती हूँ, इसलिए मुझे अपने खाने के समय पर कोई control नहीं है।"

"क्या आप exercise करती हैं?"

"नहीं, मैं इसकी आदत नहीं हूँ। लेकिन मैं घर के काम करती हूँ।"

"आपकी नींद कैसी है?"

"मैं लगभग 2-3 बजे सुबह सोती हूँ। मेरा दिमाग लगातार चलता रहता है।"

मैंने सावधानी से पूछा, "क्या आप शराब पीती हैं?"

उसने सरलता से कहा, "हाँ, हर दिन। आराम करने और नींद आने में मदद के लिए। शुरू में थोड़ा था, अब मैं रोज आधा bottle पीती हूँ।"

"क्या आप काम करती हैं?"

"नहीं, मैं गृहिणी हूँ। लेकिन मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम!"

फिर उसका 21 साल का बेटा बोला, "डॉक्टर साहब, मैं सब देखता हूँ। मेरी माँ की सेहत खराब हो रही है, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सकता।"

एक चिंतित नजर और एक चुप बेटा।

मैं चुप रहा और सोच में पड़ गया:

"उसका sugar uncontrolled है, लेकिन वजह सिर्फ glucose numbers नहीं हैं। यह एक जटिल lifestyle का सवाल है।"

"मुझे अब हैरानी नहीं होती क्योंकि यह नया normal बन गया है।"

"शरीर, नींद, पाचन, दिमाग — कोई भी ‘मेरी ज़िंदगी, मेरे नियम’ का पालन नहीं करता।"

"आखिरकार, diabetes का एक ही formula है: Tracking > Excuses. माफ़ करना, लेकिन आपका sugar आपके attitude को नहीं समझता!"

डॉ. रविंद्र एल. कुलकर्णी, MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts

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