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Mental Wellness

Breaking News रुकती नहीं, लेकिन Blood Pressure, Sugar और Anxiety बढ़ते रहते हैं। क्यों?

Just For Hearts2 मिनट का पठन

आइए समझते हैं:

1. मानव मस्तिष्क 24x7 news के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है। मानव मस्तिष्क खतरे का पता लगाने के लिए बना है, न कि लगातार जानकारी को प्रोसेस करने के लिए।

2. हर breaking news मस्तिष्क के लिए एक "alert" होती है। मस्तिष्क यह तय नहीं करता कि खबर महत्वपूर्ण है या नहीं। यह बस "stress mode" चालू कर देता है।

3. जब "stress mode" ON होता है तो शरीर में क्या होता है? Adrenaline और cortisol के स्तर बढ़ जाते हैं, जिससे Blood Pressure बढ़ता है, sugar स्तर अस्थिर हो जाता है, और हृदय गति तेज हो जाती है।

4. नींद क्यों प्रभावित होती है? मस्तिष्क लगातार जागरूक रहता है। "कुछ हो रहा है" की भावना नींद को रोकती है।

5. Anxiety धीरे-धीरे कैसे बढ़ती है? अत्यधिक जानकारी + अनिश्चितता से मन में नियंत्रण की कमी की भावना होती है, जो anxiety बढ़ाती है।

6. शरीर नहीं जानता कि यह सिर्फ news है। शरीर के लिए खतरा खतरा है, चाहे वह वास्तविक हो या स्क्रीन पर हो।

7. सूचित रहना और फंसा रहना अलग हैं। जागरूक होना जरूरी है, लेकिन लगातार stress में रहना नहीं।

8. हमारी लोकतंत्र मजबूत आधारों पर खड़ा है। इसलिए, लगातार stress में रहने की जरूरत नहीं है। शांत, समझदार नागरिकता ही समाज को आगे बढ़ाती है।

9. OPD से सरल, व्यावहारिक सलाह: news के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें। लगातार देर रात के alerts और चर्चाओं से बचें।

10. यह escapism नहीं है। यह अपने मस्तिष्क की देखभाल है। आत्म-नियंत्रण ही आत्म-देखभाल है।

आज मतदान करने वाले नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण याद दिलाना: मतदान लोकतंत्र का मौलिक अधिकार है। आज इसे सचेत, शांत और जिम्मेदारी से करना आवश्यक है।

आपका अनुभव क्या कहता है? क्या लगातार news देखने से आपका stress बढ़ता है? कृपया टिप्पणियों में लिखें।

ऐसे प्रश्नों पर पोल, चर्चाएं और लाइव इंटरैक्शन नियमित रूप से YouTube समुदाय में होते हैं।

डॉ. रवींद्र एल. कुलकर्णी, MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts

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