Diabetes
‘Diabetes Reversal’ विज्ञापनों का खतरा
आजकल, “Diabetes reversal” का दावा करने वाले विज्ञापनों से खतरा खुद Diabetes से भी ज्यादा बढ़ गया है।
OPD में, एक 65 वर्षीय महिला मरीज दूसरी राय के लिए आईं। उन्होंने बताया कि वे हमारे WhatsApp पोस्ट पढ़कर आई हैं।
उनके पास एक बड़ी फाइल थी। फाइल इतनी मोटी थी कि उसे खोलते ही पता चलता था कि उन्होंने हाल के महीनों में इलाज से ज्यादा भ्रम झेला है।
रिपोर्ट्स, supplements, smoothies, powders, मुश्किल diet charts, और हर 2 घंटे में खाने की चीजों की लिस्ट—इन सब ने मरीज को पूरी तरह थका दिया था।
मैं चुपचाप फाइल देख रहा था कि अचानक उन्होंने कहा, “Doctor, क्या मैं Diabetes manage करना चाहती हूं या पूरा दिन इसके बारे में सोचती रहूं?”
उस एक वाक्य में बहुत सारी निराशा थी।
कुछ देर बाद मेरी नजर फाइल के एक पेज पर पड़ी जिसका शीर्षक था “Diabetes Freedom Program” और कीमतें थीं ₹40,000, ₹55,000, और ₹70,000।
मैंने पूछा, “यह क्या है?”
उन्होंने जवाब दिया, “मैंने इतना पैसा खर्च किया, लेकिन अब मुझे Diabetes से ज्यादा डर से थकान होती है।”
सच कहूं तो यह नई बात नहीं है।
विज्ञापन कहते हैं “Reverse करो,” “Freedom पाओ,” “Permanent cure,” “Last chance।”
ऐसे ads मरीजों को यह महसूस कराते हैं, “अगर मैंने तुरंत कुछ बड़ा नहीं किया तो बहुत देर हो जाएगी।”
मैंने उन्हें शांतिपूर्वक कहा, “Diabetes कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे panic करना चाहिए। इसे समझना जरूरी है।”
हाँ, इसके लिए discipline चाहिए, लेकिन drama नहीं।
सरल घर का खाना, थोड़ी regular walking, अच्छी नींद, वजन पर ध्यान, tracking, और patience।
यह सब बोरिंग लग सकता है, लेकिन यही एकमात्र तरीका है!
जब वे फाइल बंद कर रही थीं, तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “Diabetes को जटिल मत बनाओ। इसे simple और stupid रखो।”
उन्होंने चुपचाप कहा, “कहीं कोई मुझे यह पहले बताता।”
(सच्ची clinical घटनाओं पर आधारित)
डॉ. रविंद्र एल कुलकर्णी, MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts