Mental Wellness
कभी-कभी ऐसा लगता है...
कभी-कभी ऐसा लगता है... अगर मैं ICU में रोज़ाना जो देखता हूँ उसके बारे में लिखना शुरू करूँ, तो मेरी डायरी केवल कहानियों से भरी होगी।
आज सुबह ICU राउंड शुरू हुआ... और पहला मरीज ही पूरे दिन का मूड सेट कर गया।
एक 23 वर्षीय अविवाहित महिला। घर में कई पारिवारिक विवाद थे। उसकी कुछ शिकायतें थीं।
उसका इतिहास अस्पष्ट था।
एक USG किया गया... जिसमें 12 सप्ताह की pregnancy पाई गई।
एक पल में साफ हो गया कि आज केवल medical management की बात नहीं है... बल्कि emotions, silence, family drama और वास्तविकता को एक साथ संभालना है।
हम अगले बिस्तर की ओर बढ़े।
एक 20 वर्षीय नवविवाहित महिला। Phenyl का सेवन। पूरा बोतल।
एक पल के लिए, एक अजीब सोच मेरे मन में आई... दिन भर मरीजों को "पानी खूब पीने" की सलाह देते हैं, फिर भी कई पर्याप्त पानी नहीं पीते।
और यह लड़की एक पूरी बोतल phenyl ऐसे पी गई जैसे कोई ठंडा पेय हो।
जब कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से टूट जाता है... तो शायद उसे ज़हर का स्वाद भी नहीं आता।
अगला बिस्तर।
एक 35 वर्षीय महिला। दो बच्चों की माँ। Rat killing poison।
पास में पति-पत्नी के बीच तनाव था, तलाक को लेकर बहसें चल रही थीं।
पति ज़ोर दे रहा था। वह मना कर रही थी।
मैंने शांतिपूर्वक उससे पूछा, "क्या यह सच में आत्महत्या का प्रयास था... या केवल डराने-धमकाने की चाल?"
उसने कहा, "नहीं डॉक्टर, मैं सच में मरना चाहती हूँ।"
मैंने फिर पूछा, "एक तरफ आप कहती हैं कि आप तलाक नहीं देंगी... और दूसरी तरफ आप कहती हैं कि आप मरना चाहती हैं..."
वह एक पल के लिए चुप हो गई।
शायद पहली बार उसने खुद अपनी बात सुनी।
तब तक, मेरे सहायक भी जानते थे कि rat poison कितना खतरनाक है और आक्रामक उपचार शुरू हो चुका था। सर्वोत्तम उपचार के बावजूद, rat killing poison से मृत्यु दर अधिक होती है।
एक आवेगी निर्णय... लेकिन इसकी कीमत जीवन भर की हो सकती है।
और भी कई मरीज राउंड के लिए बाकी हैं।
कभी-कभी ऐसा लगता है कि समाज में शरीर से ज्यादा दिमाग थक रहे हैं।
BP, sugar, infections के लिए guidelines हैं... लेकिन टूटे हुए रिश्तों, अकेलेपन, भावनात्मक रूप से थके दिमाग के लिए कोई protocol नहीं है।
और सच कहूँ तो... हर कोई इसका सामना नहीं कर पाता।
आने वाले दशक में, केवल ICU में बीमारियाँ ही नहीं बढ़ेंगी... बल्कि emotional collapse भी बढ़ेगा।
क्योंकि कुछ लोग मरने की कोशिश नहीं करते... वे बस अंदर से जीना बंद कर देते हैं।
डॉ. रविंद्र एल कुलकर्णी MD DNB FSCAI Cardiology
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