Heart Health
दादा सुबह डिस्चार्ज के बाद भी रात को अस्पताल में बने रहे
एक 90 वर्षीय दादा दो दिन पहले सफल angioplasty करवा चुके थे। सुबह डिस्चार्ज प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन insurance, paperwork और अस्पताल की formalities के कारण पूरा दिन निकल गया।
रात के दौरों के दौरान, वह अभी भी वार्ड में थे—मुस्कुराते और शांत। उन्होंने कहा, "सर, क्या हम एक फोटो लें? मैं आपकी यादें रखना चाहता हूँ!"
फोटो लिया गया, लेकिन उससे पहले कुछ और भी महसूस हुआ—doctor और patient के बीच का trust।
आज का सिस्टम जटिल है, समय सीमित है, और शिकायतें बहुत हैं। लेकिन सब कुछ टूटा हुआ नहीं है।
जब 90 वर्षीय patient और उनका परिवार संतुष्ट और भरोसेमंद होकर जाते हैं, तो लगता है कि कुछ चीजें सचमुच सही हो रही हैं।
एक व्यस्त दिनचर्या में, ऐसे पल दिल को शांति देते हैं—क्योंकि दवाइयां देना एक काम है, लेकिन trust देना एक जिम्मेदारी है, और वह negotiable नहीं है।
डॉ. रविंद्र एल कुलकर्णी Just For Hearts