General Health
Polypharmacy: जब मरीज कई दवाइयां लेते हैं और डॉक्टर सोचते हैं
"मैं रोज़ दस गोलियां लेता हूँ," एक मरीज कहता है, और मैं सोचने के लिए रुक जाता हूँ।
"डॉक्टर, मैं सुबह 4 गोलियां, दोपहर में 2, और रात को 4 लेता हूँ, ये सब लगातार चल रही हैं…!" यह अब रोज़ का मामला बन गया है।
Polypharmacy का मतलब है एक मरीज को कई दवाइयां एक साथ देना। कभी-कभी यह सचमुच जरूरी होता है, लेकिन अक्सर बिना समीक्षा के दवाइयों की संख्या बढ़ जाती है।
मैंने इसे 25 वर्षों से देखा है और कुछ सवाल हमेशा दिमाग में आते हैं:
1. क्या एक गोली का side effect दूसरी गोली दबा रही है? 2. क्या अब कोई गोली बंद की जा सकती है? 3. नए डॉक्टर अक्सर पुरानी दवाइयों की सही समीक्षा नहीं करते। 4. इतनी सारी गोलियों के साथ, क्या मरीज की थकान, चक्कर आना, और भ्रम बढ़ रहा है?
सच्चाई यह है: • कुछ बीमारियों के लिए 4-5 दवाइयां जरूरी हो सकती हैं, लेकिन उन्हें सावधानी से समीक्षा, समझ और ट्रैक किया जाना चाहिए। • दवाइयों पर समय-समय पर पुनर्विचार होना चाहिए। • अक्सर एक ही समस्या के लिए कई दवाइयां शुरू कर दी जाती हैं, और कोई ध्यान नहीं देता।
मेरी राय:
मरीज के रूप में, आपको अपनी prescription की समीक्षा करनी चाहिए।
डॉक्टरों के रूप में, हमें हर बार रुककर सोचना चाहिए: क्या ये सारी दवाइयां वास्तव में जरूरी हैं?
आपका अनुभव क्या रहा है? क्या आपने कभी ऐसा महसूस किया है? क्या इसे कम किया जा सकता है? कृपया अपने विचार comments में साझा करें।
डॉ. रवींद्र एल कुलकर्णी MD DNB FSCAI Cardiology Just For Hearts