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दो महत्वपूर्ण Hormones जो Metabolism को प्रभावित करते हैं
दो महत्वपूर्ण Hormones जो Metabolism को प्रभावित करते हैं, वे हैं Insulin और Cortisol।
OPD में कई शिकायतें सुनने को मिलती हैं जैसे:
- सुबह उठने के बाद थकान महसूस होना - नींद पूरी न होने का एहसास - पेट के आसपास वसा का बढ़ना - Borderline sugar levels - कभी-कभी Blood Pressure का बढ़ जाना
ये शिकायतें अलग लग सकती हैं, लेकिन अक्सर इनका मूल कारण शरीर की stress response system होता है।
1. Cortisol क्या है?
Cortisol एक hormone है जो adrenal glands में बनता है। इसके कार्यों में शामिल हैं: - तनाव को संभालने में मदद करना - शरीर को ऊर्जा प्रदान करना - Blood Pressure और sugar के संतुलन में भूमिका निभाना
दूसरे शब्दों में, cortisol शरीर का प्राकृतिक stress hormone है।
2. Cortisol का प्राकृतिक rhythm
Cortisol का स्तर दिन भर स्थिर नहीं रहता। इसका सामान्य पैटर्न है: - सुबह उच्च स्तर पर होता है ताकि शरीर जाग सके - दोपहर में धीरे-धीरे कम होता है - रात में सबसे कम होता है ताकि नींद के लिए तैयारी हो सके
इसे शरीर की circadian rhythm कहते हैं।
3. अगर यह rhythm बिगड़ जाए तो क्या होता है?
आज कई कारण cortisol rhythm को प्रभावित करते हैं जैसे: - देर रात स्क्रीन का उपयोग - खराब नींद - लगातार मानसिक तनाव - कम शारीरिक गतिविधि - अनियमित दिनचर्या
इसके परिणामस्वरूप शरीर लगातार सतर्क स्थिति में रहता है।
4. लंबे समय तक Cortisol के उच्च स्तर के प्रभाव
अगर cortisol लंबे समय तक उच्च रहता है, तो यह metabolism को प्रभावित कर सकता है जिससे: - पेट के आसपास वसा बढ़ना - sugar नियंत्रण खराब होना - Blood Pressure बढ़ना - हल्की नींद - थकान
5. Steroid दवाओं के साथ Cortisol के प्रभाव
Steroid दवाएं अक्सर corticosteroid समूह की होती हैं और शरीर में cortisol की तरह काम करती हैं। लंबे समय तक steroid थेरेपी से metabolism में बदलाव हो सकते हैं जैसे: - वजन बढ़ना - sugar का बढ़ना - Blood Pressure का बढ़ना
यह cortisol के प्रभाव को दर्शाता है।
6. Cortisol कैसे जांचा जाता है?
आवश्यकता होने पर cortisol की जांच: - सुबह के समय blood cortisol टेस्ट - कभी-कभी saliva या urine टेस्ट
हालांकि, दैनिक तनाव प्रबंधन में जीवनशैली के पैटर्न अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।
7. Cortisol rhythm सुधारने के सरल तरीके
- सुबह की धूप में समय बिताना - नियमित चलना या शारीरिक गतिविधि - शाम को शांत समय बिताना - निश्चित नींद का समय
ये छोटे बदलाव शरीर की घड़ी को पुनः संतुलित करने में मदद करते हैं।
समझें कि metabolism को प्रभावित करने वाले दो Hormones अक्सर साथ-साथ होते हैं: Insulin और Cortisol। एक भोजन से जुड़ा है, दूसरा तनाव से। यदि इनके rhythms बिगड़ जाएं, तो शरीर की समग्र rhythm प्रभावित होती है।
डॉ. रविंद्र एल कुलकर्णी MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts