Mental Wellness
कोई खुशी नहीं, कोई दुख नहीं: Emotional Numbness को समझना
कोई खुशी नहीं... कोई दुख नहीं... Emotional Numbness। कुछ महसूस न करना – क्या यह सामान्य है?
पहले, छोटी-छोटी बातें खुशी देती थीं... कभी-कभी आँसू भी आते थे...
अब, सब कुछ है... लेकिन अंदर कुछ भी हिलता नहीं।
ना खुशी... ना दुख... सिर्फ "खालीपन" का एहसास।
1. यह वास्तव में क्या है? यह कमजोरी नहीं है... यह Emotional Numbness है।
भावनाएँ खत्म नहीं होतीं... वे बस कुछ समय के लिए "शांत" हो जाती हैं।
2. ऐसा क्यों होता है? मन लगातार तनाव सहता रहता है। भावनाएँ दबाई जाती हैं। एकाकीपन और थकान जमा हो जाती है।
और एक समय आता है जब मन खुद को बचाता है।
"अब कुछ महसूस मत करो" मोड शुरू हो जाता है।
3. सूक्ष्म संकेत * पसंदीदा चीजों में रुचि का कम होना। * लोगों के बीच होने पर भी अलग-थलग महसूस करना। * प्रतिक्रियाओं में कमी। * "मैं क्या महसूस कर रहा हूँ?" समझने में असमर्थता।
4. शरीर क्या कहता है? * ऊर्जा की कमी। * कुछ भी करने की इच्छा का न होना। * नींद के पैटर्न में बदलाव। * छाती में खालीपन का एहसास।
मन शांत दिखता है... लेकिन अंदर से यह अलगाव महसूस करता है।
5. एक महत्वपूर्ण समझ "मैं कुछ भी महसूस नहीं कर रहा हूँ" यह कोई समस्या नहीं है...
यह एक संकेत है कि मन बहुत कुछ सहने से थक चुका है।
6. क्या करें? भावनाओं को फिर से महसूस करने में समय लगता है।
* खुद को मजबूर न करें। * छोटी-छोटी बातों को नोटिस करें। * अपनी दिनचर्या बनाए रखें, भले ही मन तैयार न हो। * किसी से बात करें, भले ही शब्द कम हों।
और कभी-कभी... Counselling बहुत मदद करती है।
जीवन और मृत्यु के बीच की सीमा पर 25 वर्षों से अधिक काम करते हुए... मैंने मरीजों की भावनाओं, रिश्तों और थकान को करीब से देखा है।
हर दिन, मैं महसूस करता हूँ कि इलाज जरूरी है... लेकिन समझना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
इसीलिए आज कई लोग बात करने और समझे जाने के लिए आगे आते हैं।
शांत महसूस करने और कुछ भी महसूस न करने के बीच का फर्क समझना चाहिए।
क्या आप कभी ऐसा महसूस करते हैं?
कभी-कभी... सिर्फ किसी का सुनना भी इलाज का एक तरीका होता है।
डॉ. रवींद्र एल कुलकर्णी, MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts