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General Health

15 वर्षीय लड़के की ER में कहानी

Just For Hearts1 मिनट का पठन

एक 15 वर्षीय लड़का ER में आया था।

पिछले 1 महीने से उसे बुखार, खांसी और वजन कम होने की समस्या थी।

पिछले 2 दिनों में उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी।

घर में सभी सोच रहे थे, “यह कुछ सामान्य होगा।”

होम्योपैथिक इलाज चल रहा था (किसी भी pathy पर आपत्ति नहीं)।

लेकिन बीमारी रुकी नहीं थी।

यह बिगड़ती जा रही थी।

आज वह सीधे Emergency Room में आया।

* Heart Rate: 180 * Oxygen: 60 * Severe respiratory distress

आने के सिर्फ 1 घंटे के भीतर उसे ventilator की जरूरत पड़ी।

X-ray में Pulmonary Koch’s (TB) और अब इसके complications दिखे।

इलाज अभी चल रहा है।

आने वाले कुछ घंटे बहुत महत्वपूर्ण होंगे।

देखना होगा कि वह कैसे प्रतिक्रिया देता है।

क्या गलत हुआ या क्या किया जाना चाहिए था?

* 2-3 हफ्तों से अधिक समय तक बुखार या खांसी हो तो इंतजार करने की वजह नहीं है। * बच्चों में वजन कम होना गंभीर चेतावनी हो सकती है। * “लड़का छोटा है” यह सुरक्षा का प्रमाण नहीं है। * अगर चल रहे इलाज के बावजूद सुधार नहीं हो रहा है, तो दूसरी राय लेना जरूरी है। * pathy बदलना अपमान नहीं, बल्कि समय पर लिया गया निर्णय है। * अगर ER आने से पहले सही निर्णय लिए होते तो ventilator की जरूरत नहीं पड़ती। * बीमारी समय पर पहचान न होने पर अचानक जानलेवा हो सकती है।

समय पर निर्णय लेना बहुत जरूरी है।

डॉ. रविंद्र एल कुलकर्णी MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts

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