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Mental Wellness

सुबह उठते ही शाम की चिंता करना आपके Mental Health के लिए हानिकारक हो सकता है

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सुबह उठते ही तुरंत शाम की चिंता करना आपके Mental Health पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

1. अगर आप उठते ही सोचने लगते हैं "दोपहर का क्या होगा?" या "शाम को समय मिलेगा या नहीं?", तो इसका मतलब है कि आपका दिन तनाव के साथ शुरू हो रहा है।

2. Cortisol, एक प्राकृतिक hormone, सुबह के समय अधिक होता है, लेकिन अगर anxiety बढ़ती है, तो यह hormone मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन पैदा कर सकता है।

3. इससे ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, काम में रुचि की कमी, थकान और दिन भर चिड़चिड़ापन होता है।

4. उदाहरण के लिए, अगर आप चाय पी रहे हैं और कोई पूछता है, "क्या आप शाम को देर से आएंगे?", तो आपका मन तुरंत तनाव में आ जाता है, ट्रैफिक और अपने काम की सूची के बारे में सोचते हुए।

5. इससे prefrontal cortex, जो निर्णय लेने और सोचने के लिए जिम्मेदार मस्तिष्क का हिस्सा है, थक जाता है।

6. सुबह के पहले 2 घंटे आपको वर्तमान पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, लेकिन इसके बजाय आप अगले 12 घंटे का बोझ उठाते हैं।

7. इस आदत को बदलने से ऊर्जा स्तर, मूड, फोकस और उत्पादकता में सुधार होता है।

8. समाधान क्या है? सुबह में अपने आप से केवल एक सवाल पूछें: "आज का दिन अच्छा बनाने के लिए मैं अभी क्या कर सकता हूँ?"

9. ज्यादा सोचने के बजाय, वर्तमान क्षण में रहें। जो कल होगा, वह कल होगा।

10. जैसे सुबह का पहला घंटा गुजर जाता है, वैसे ही पूरा दिन गुजर जाता है। इसे शांत, स्पष्ट और संतोषजनक बनाएं!

"मन को शांत रखने के लिए कोई भविष्यवाणी जरूरी नहीं... बस थोड़ा ध्यान ही काफी है।"

अगर आपका कोई परिचित आज ज्यादा सोच रहा है, तो यह पोस्ट उनके साथ साझा करें।

डॉ. रविंद्र एल. कुलकर्णी, MD, DNB, FSCAI (Cardiology) Just For Hearts

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